STRUGGLES OF LIFE (जीवन के संघर्ष) – A MOTIVATIONAL STORY IN HINDI


STRUGGLES OF LIFE – A MOTIVATIONAL STORY IN HINDI (ज़िन्दगी के संघर्ष)



हम मे से ज़्यादातर लोग अपने मन में चल रहे नकरात्मक विचारों (Negative thought) से परेशान रहते हैं जिसका हमारे ज़िंदगी पर प्रतिकूल (बुरा) प्रभाव पड़ता है. ये विचार एक सफल व्यक्ति को एक असफल व्यक्ति से अलग करते हैं.

कभी कभी हम मुश्किलों(problems) से इस कदर घिर जाते हैं कि हमें अपने चारो तरफ कुछ दिखाई नहीं देता है। बस हर तरफ मुश्किल ही मुश्किल दिखाई देती हैं | जो लोग इन मुश्किलो और रुकावटों के सामने थक जाते है और  हार मान लेते हैं वो मुश्किलों और रुकावटों के तूफ़ान में ही फँस जाते हैं और आगे नहीं बढ़ पाते हैं | और जो लोग बिना हारे,  इन चुनोतीयो का सामना करते है  और  आगे बढ़ते रहते है वे मुश्किलों और रुकावटों के तूफ़ान से बाहर निकल आते हैं और अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ते जाते हैं |.

आज मै आपके साथ एक motivational story in Hindi(प्रेरणादायक कहानी) शेयर करने जा रहे है। यह कहानी उन लोगो के लिए बहुत प्रेरणादायक (inspirational) है जो चुनोतिओ(Struggles), मुश्किलों और नकरात्मक विचारो से परेशान है और इस समय अपनी ज़िंदगी के मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं।


STRUGGLES OF LIFE – A MOTIVATIONAL STORY IN HINDI


एक बार एक बच्चा अपने पिता से शिकायत करता है की उसकी ज़िंदगी मुश्किलों से भरी हुई है और वह नहीं जानता की वो इनसे कैसे छुटकारा पाएँ। वह चुनोतिओ के सामने संघर्ष करते करते थक गया है। एक मुश्किल सुलझती है तो दूसरी मुसीबत आ जाती है। उसके पिता उसे kitchen मे ले जाते है और तीन बर्तनो मे पानी भरकर उन्हे उबलने रख देते है।

जब तीनों बर्तनो मे पानी उबालना शुरू हो जाता है तो वो एक बर्तन मे आलू, एक बर्तन मे अंडा, और एक बर्तन मे कॉफी के दाने डाल देते है। और अपने बेटे से बिना कुछ बोले बैठ जाते है। लड़का भी बिना कुछ सवाल किए शांति से इंतजार करता है। 20 मिनट के बाद वो गैस को बंद कर देते है। फिर आलू को निकालकर एक कटोरी मे रख देते है। इसी तरह अंडे को भी एक कटोरी मे निकालकर रख देते है। और फिर कॉफी को एक कप मे डाल देते है।

इसके बाद अपने बेटे से पूछते है की उसने क्या देखा? और उसे दोनों चीजों को छूने के लिए कहते है।

वह आलू को छूता है और बताता है की यह नर्म है।

इसके बाद वो अपने पिता से इन सब काम के पीछे का मतलब पूछता है। तो वह अपने बेटे को अंडा लेकर तोड़ने के लिए कहते है, वह अंडे को तोड़कर उसका छिलका उतारता है और उसमे उबला अंडा पाता है, आखिर मे पिता अपनी बेटे को कॉफी की चुस्की लेने को कहते है, कॉफी की सुगंध से बेटे के चहरे पर मुस्कान आ जाती है, वह अपने पिता से इसका मतलब पूछता है?



तब वह अपने बेटे को बताते है की  आलू, अंडा और चाय तीनों उबले हुए पानी की प्रक्रिया से गुजरते है फिर भी तीनों अलग अलग प्रतिक्रिया देते है। आलू जो मजबूत और कठोर होता है उबले हुए पानी मे जाकर हल्का और कमजोर हो जाता है। अंडा भी कमजोर होकर टूटने योग्य हो जाता है।  उबले पानी मे जाने से पहले इसकी बाहरी परत इसके अंदर छिपे द्रव्य की रक्षा करती है। उबले पानी मे जाकर यह द्रव्य कठोर होकर उबला अंडा बन जाता है, लेकिन कॉफी के दाने अनोखे है उबले पानी मे जाकर यह पानी का रंग बदल देते है और कुछ नया पैदा करते है।



तुम इनमे से कौन हो । वह अपनी बेटे से पूछते है, जब मुश्किले आपके दरवाजे को खटखटायेँ तुम उनके लिए क्या प्रतिक्रिया दोगे। तुम कौन हो आलू, अंडा, या कॉफी के दाने। बेटा सब कुछ समघ चुका था।



मुश्किले दिल के इरादे आजमाती है, स्वप्न के परदे निगाहों से हटाती है।
हौसला मत हार गिर कर ओ मुसाफिर! ठोकरे इंसान को चलना सिखाती है।


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