प्रेमिका...!!!
Story by- jai chaurasiya तुम कैसे हो...?? तुमने सुबह से कुछ खाया भी या नहीं...?? तुम्हारा एग्जाम कैसा गया...?? कुछ पैसे चाहिए हो तो बताना...?? तुम ठीक तो हो...?? ये सब सवाल केवल प्रेमिकाओं ने पूछो। तुम्हारे संघर्ष की साथी रही प्रेमिकाएं और तुम्हारे सुख दुख में साथ दिया। उन्होंने तुम्हारी कामयाबी के सपने देखे और सदैव तुम्हारे संघर्ष में साथ रही तुम्हारे सपनो को पूरा करने के तुम्हारे साथ खड़ी रही उन्होंने कभी तुमसे कुछ न चाहा उन्होंने न तुम्हारे नाम का सिंदूर मांगा और न ही मांगी तुम्हारे कमाने की गारंटी... केवल ये जानना चाहा कि तुम ठीक हो क्या तुमने समय से खाया तुम्हारे रिजल्ट खराब आया तो उसने तने नहीं मारा.... तुम्हारी हिम्मत बनी और तुम्हे दोबारा कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया। बस बोला - चलो अगली बार और मेहनत करना मै हम न तुम्हारे साथ। न ही उसने शादी के सपने देखे और न ही कोई वादा लिया... पर उसने हर बार तुम्हारी हार को अपनी हार मानी और तुम्हे सहारा दिया। वो तुम्हारे साथ चलती रही बिना हक जताए रस्ते कैसे भी हो तुम्हे हिम्मत नहीं हारन...