हम मिले...
Story by- jai chaurasiya हम अजनबी थे पहले, अलग-अलग जीवन जीते थे। हमें एक - दूसरे की कोई खबर तक न थी। जिंदगी यूं ही गुजर रही थी....!!! हम दोनों अपने में ही व्यस्त थे... हमारे अपने काम काज थे... मैंने भी हमेशा स्वयं के लिए ही सोचा... एक दिन अचानक से सब बदल गया... हमारी मुलाक़ात हुई... मैंने कभी आपसे बात करने की नहीं सोची... रिश्ते की सोची और हामी भर दी.. अचानक से आपके संदेश से मन में कई विचार आए... लेकिन जो कि जरूरी था मैने भी जवाब दिया... बातचीत का सिलसिला ऐसा हो जाएगा मैने कभी सोचा न था... जो बात सीमित होनी थी, वो बढ़ती चली गई... और उम्मीद है कि वो, कभी खत्म न होगी... मुझे कभी नहीं पता था कि आप एक दिन मेरे लिए घर जैसा महसूस करेंगी। अब... खाने से पहले, मुझे आशा है कि आपने खा लिया। सोने से पहले, मुझे आशा है कि आप आराम करेंगे। इससे पहले कि मैं कुछ भी चाहता हूं, मैं आपके लिए कामना करता हूं – खुश रहें, शांति से रहें, अपने दिल में रोशनी महसूस करें। मुझे नहीं पता कि यह कैसे हुआ, लेकिन आप सुबह में मेरा पहला विचार और रात में मेरा आखिरी विचार हैं । आपके संदेश समय से न आने से, मन का व्यथित ...