Kya Mujhe bhi Tumse Sacha pyar nahi tha.
Story by- jai chaurasiya हमे अलग हुए एक अर्शा हो गया... तुमने मुझसे बेहतर को पा लिया... शायद इसलिए मुझे छोड़ दिया... तुम्हे मुझसे सच्चा प्यार नहीं था..।। लेकिन आज मैं सोचता हूं कि... क्या मुझे तुमसे सच्चा प्यार था...?? सोचा था तुम्हारे अलावा किसी से बात तक नहीं करूंगा... मगर वक्त बीता किसी और से बात करनी पड़ी ... उसके साथ रहना पड़ा... और शायद अंत में उसका होना पड़ेगा... क्या मुझे भी सच्चा प्यार नहीं था..??? तुम्हारे बाद कई लोग मेरी जिंदगी में आए मैने कई बार चाहा कि मैं उनका हो जाऊं लेकिन इस दिल ने मुझे इजाजत नहीं दी ये मेरे पास रहकर भी सदैव तुम्हारे पक्ष में रहा। लेकिन मैने कई लड़कियों से बात की... उनमें भी मैने तुम्हे ही ढूंढा... क्या मेरे किसी और के हो जाने से ये मेरा प्यार जो तुम्हारे लिए था झूठा हो जाएगा..?? ये जिंदगी काफी लंबी है मै चिंतित हूं कि कही ऐसा न हो कि मैं किसी और का हो जाऊं...!! और शायद मैं चाहता हूं किसी और का होना या किसी को अपना हमसफर बना लेना... कब तक ये बोझ (शायद इसे बोझ कहना सही नहीं होगा) को लेकर चलूंगा...! क्योंकि जब तुमको ही मैं याद नहीं तो मै क्यों इन यादों को...