Phir Se milna, Ek nayi suruaat.
Story by- jai chaurasiya सात साल हो गए, जब मैने उसे आखिरी बार देखा था, सात साल, जो मेरे लिए नए अनुभव और बदलाव लेकर आए थे, और जो मुझे वो इंसान बन चुके थे, जो मैं आज हूं, लेकिन जितना वक्त गुजरता गया यादों ने अपनी जगह दिल में बनाए रखी, वो बातें, वो हंसी, वो पल जो हम दोनों ने साथ में बिताए थे कभी भी पूरी तरह मेरे दिल से नहीं गए थी। एक दिन जब मैं अपनी पुरानी चीजों को सहेज रहा था, मेरा ध्यान मेरी पुरानी किताबों पर गया जो कि मुझे बेहद पसंद थी, जैसे ही मैने किताब खोली एक पुरानी तस्वीर नीचे गिरी, वो तस्वीर हमारी थी, जब हम NSS के कैंप गए थे हम दोनों आमने सामने खड़े थे, और मुस्कुरा रहे थे जैसे हम दोनों के बीच एक ही दुनिया थी, ये तस्वीर हमारे दोस्ती का सबसे खूबसूरत पल था, वो पल जब हम दोनों की दुनिया एक ही थी, और हम साथ में बहुत खुश थे। जैसे ही मैं आगे बढ़ा एक दूसरी किताब जिससे एक सूखा गुलाब गिरा जो शायद तुमने मुझे प्रपोज करते समय दिया था, तुमने कैफे में सबके सामने अपने घुटनों पे आकर मुझे गुलाब देकर प्रपोज किया था। वो दिन 25 मई आज भी याद है मुझे, कैसे तुमने मुझे सरप्राइज़ किया। और ऐसी कई तस्वी...