Ankahi - ek dasta
Story by- Jai Chaurasiya
अनकही
दिल से कह रहा हूँ... अच्छा हुआ कि हम मिले।
हाँ, शायद मैंने तुम्हारा दिल तोड़ा। इस बात का मुझे आज भी दुख है।
लेकिन मुझे तुमसे मिलकर पता चला कि प्यार होता कैसे है।
कैसा लगता है जब कोई हमें सबसे ज़्यादा प्यार करे। किसी की ज़िंदगी में सबसे खास होना क्या होता है। किसी की पहली प्राथमिकता बनना क्या होता है। और किसी का पूरा संसार बन जाना कैसा होता है।
तुमसे दूर जाते हुए हर बार मुझे महसूस हुआ कि मैं ही तुम्हारे लिए सब कुछ था। तुम्हारी आँखों से बहते आँसू, तुम्हारी खामोशी, तुम्हारा बार-बार मुड़कर देखना... ये सब बता देता था कि मेरे जाने से तुम्हारे भीतर बहुत कुछ टूट रहा था।
जबकि वो हमारी आख़िरी मुलाकात भी नहीं थी।
लेकिन हमारा अलग होना तुम्हारे लिए किसी त्रासदी से कम नहीं था। हाँ... तुम्हारे लिए।
क्योंकि शायद मैं कभी तुम्हारी तरह महसूस नहीं कर पाया।
मुझे हमेशा लगता रहा कि समय सब ठीक कर देगा। तुम आगे बढ़ जाओगी, नई खुशियाँ ढूँढ लोगी, पर शायद मैं ये भूल गया था कि कुछ लोग इंसान को नहीं, उससे जुड़ी पूरी दुनिया को चाहने लगते हैं।
तुमने मुझे कभी बदलने की कोशिश नहीं की।तुमने मेरी कमियों के साथ भी मुझे वैसे ही अपनाया जैसा मैं था।
और शायद यही तुम्हारी सबसे बड़ी खूबी थी... जिसकी कीमत मैं उस समय समझ नहीं पाया।
आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ,तो एहसास होता हैकि मैंने एक ऐसा इंसान खो दियाजो मेरे साथ रहने की वजह ढूँढ़ता था,और मैंने उसे खो दिया क्योंकि मैं अपनी वजहों में उलझा रहा।
आज भी जब किसी भीड़ में कोई तुम्हारी तरह मुस्कुराता है,या कोई तुम्हारी तरह बातें करता है,तो एक पल के लिए लगता है शायद तुम सामने हो।
फिर याद आता है... कुछ लोग लौटकर नहीं आते, बस यादों में हमेशा के लिए बस जाते हैं।
मैं ये नहीं कहूँगा कि काश सब पहले जैसा हो जाए। क्योंकि समय कभी पीछे नहीं लौटता।
बस इतना कहना चाहता हूँ -
धन्यवाद...
मुझे सच्चे प्यार का मतलब सिखाने के लिए। मुझे ये एहसास दिलाने के लिए कि किसी के लिए पूरी दुनिया होना कितनी बड़ी बात होती है।
अगर कभी मेरी वजह से तुम्हारी आँखों में आँसू आए, तो उसके लिए दिल से माफ़ी चाहता हूँ।
मैं तुम्हारी मोहब्बत के लायक था या नहीं,ये आज भी नहीं जानता। लेकिन इतना ज़रूर जानता हूँ कि तुम्हारी मोहब्बत सच्ची थी।
और कुछ सच्ची मोहब्बतें मिलने के लिए नहीं, बल्कि इंसान को हमेशा के लिए बदल देने के लिए आती हैं।
शायद हमारी कहानी अधूरी थी, लेकिन उसका असर आज भी पूरा है।
तुम जहाँ भी रहो, खुश रहो, आबाद रहो।
और अगर कभी मेरी याद आए, तो मुझे उस इंसान की तरह याद करना जिसने तुमसे प्यार करना तो सीखा,लेकिन उसे निभाना देर से सीखा।
आख़िर में बस इतना ही -
कुछ रिश्ते मुकम्मल होकर भी याद नहीं रहते,और कुछ अधूरे होकर पूरी ज़िंदगी साथ चलते हैं।
तुम मेरी मंज़िल नहीं बन सकी, लेकिन तुम्हारी मोहब्बत ने मुझे एक बेहतर इंसान ज़रूर बना दिया।
अनकहे शब्द अक्सर वही होते हैं,जो पूरी उम्र दिल में गूंजते रहते हैं।
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